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26.07.2026 · Anil Singh

जाम बिना पुलिस की मेहनत के लगता है

लखनऊ पुलिस की शानदार बैरिकेडिंग से चौराहों पर अब कहीं भी जाम नहीं लग रहा है! अब जाम वहां लग रहा है, जहां से गाड़ियां मुड़ रही हैं. इसकी वजह से लोगों में ये गलत संदेश जा रहा है कि पुलिस की इतनी शानदार व्यवस्था होने पर भी लखनऊ में जाम लग रहा है.

मेरा सुझाव है कि लखनऊ पुलिस यूटर्न चौराहों से मात्र आधा किलोमीटर दूर देने की बजाय बैरिकेडिंग करते हुये पास के जिलों यथा बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई में यूटर्न की सुविधा दे तो लखनऊ पूरी तरह जाम मुक्त हो जायेगा, जो राजधानी पुलिस के लिये बड़ी उपलब्धि होगी.

जब लोगों की गाड़ियां इन जिलों से घूमकर आयेंगी तो लखनऊ में कहीं कोई जाम नहीं लगेगा. सारा जाम इन पड़ोसी जिलों में लगेगा. बाकी नेता, मंत्री, अधिकारी, पुलिस को ये सुविधा दे दी जाये कि वे चौराहे पर ही बैरिकेडिंग हटाकर यात्रा करें. बाकी जनता यूटर्न पड़ोसी जिले से लेकर आये.

वैसे भी कहीं भी जाम आसानी से नहीं लगता है. इसके लिये पुलिस को बहुत मेहनत करनी पड़ती है. पुलिस जब दिल लगाकर जाम छुड़ाने की व्यवस्था करती है, तब कहीं जाकर जाम लगता है. जबकि मूर्ख आम लोग मान लेते हैं कि जाम बिना पुलिस की मेहनत के लगता है!

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