मुझे लोग सीरियसली नहीं लेते थे बल्कि इग्नोर कर देते थे. ‘चूसना’ नहीं आने के चलते मुझे किसी भी ‘आम पार्टी’ में खास की तरह नहीं बुलाया जाता था, क्योंकि मैं ठीक से ‘चूस’ नहीं पाता था. मैं ‘चूसने’ में बेहद ही कमजोर माना जाता था. जो लोग ठीक से ‘चूस’ लेते हैं, उन्हें ‘आम पार्टी’ में खास की तरह …
Read More »उल्टा – पुल्टा
आंदोलन की गरिमा का ठेस मत पहुचाओं, सभ्य भाषा का इस्तेमाल करों।
मैं आंदोलन की शुरुआत में युवाओं के पेपर लीक के जेन्युइन मुद्दे को लेकर लिखना चाहता था, लेकिन धैर्य रखकर इंतजार किया. फिर इसमें डफली वाले, ढोलकी वालों की इंट्री हो गई तो फिर लगा कि अब इस आंदोलन की मइया दइया हो जानी है. मत ही लिखो, क्योंकि ये जहां रहेंगे उस जगह, सिस्टम, आंदोलन को बरबाद कर देंगे. …
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तिरछी कटारी सत्य है इसलिए कड़वा है