NEET-UG 2026 विवाद: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP की कानूनी तैयारी तेज, सिब्बल से मिले अभिजीत दीपके

नई दिल्ली : NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक विवाद के बीच देश की राजनीति और छात्र आंदोलन चरम पर पहुंच गया है। 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब आंदोलनरत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने अपनी कानूनी लड़ाई को तेज करने के संकेत दिए हैं। इसी सिलसिले में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके नई दिल्ली स्थित वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के आवास पर उनसे मुलाकात करने पहुंचे।

हालांकि, दोनों नेताओं के बीच इस बैठक के सटीक एजेंडे या बातचीत के विषयों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह बैठक आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई और NEET परीक्षा सुधारों को लेकर कानूनी रणनीति बनाने के उद्देश्य से हुई है।

इस घटनाक्रम से जुड़े प्रमुख तथ्य (Key Facts) :

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET-UG 2026 विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित में और देश के युवाओं को किसी भ्रम के जाल में फंसने से बचाने के लिए पद छोड़ रहे हैं।
  • पुलिस लाठीचार्ज का मामला: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए लाठीचार्ज को लेकर CJP पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी में है।
  • कानूनी सहायता का आश्वासन: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने आंदोलन में घायल या प्रभावित हुए निर्दोष छात्रों एवं कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद (Legal Support) देने का आश्वासन दिया है। CJP समर्थकों से पुलिस बर्बरता के फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में जुटाए जा रहे हैं।
  • CJP का उभार: 16 मई 2026 को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) देखते ही देखते Gen-Z और युवाओं का एक बड़ा आंदोलन बन गई। जून और जुलाई के दौरान जंतर-मंतर पर इसके नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन आयोजित किए गए, जो परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।