
गाँधी जी के तीन बंदर, घुस गए हैं सबके अंदर या घुसा दिए गए हैं सबके अंदर?
गाँधी जी के तीन बंदर, घुस गए हैं सबके अंदर या घुसा दिए गए हैं सबके अंदर?

गाँधी जी के तीन बंदर, घुस गए हैं सबके अंदर या घुसा दिए गए हैं सबके अंदर?

भूत बाधा से त्रस्त भारतीय राजनीति यहाँ भूत का तात्पर्य उस भूत से नहीं है जो आधी रात को सफेद चादर ओढ़कर पेड़ पर लटकता दिखाई देता है। यहाँ भूत का मतलब है—जो बीत गया। वह घटना हो सकती है, समय हो सकता है, व्यक्ति हो सकता है, स्थान हो सकता है, पद और प्रतिष्ठा […]