लखनऊ। सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन (एसआईएमसी) के कर्मचारियों के वेतन बकाये को लेकर जारी रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से राष्ट्रीय सहारा मीडियाकर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अपर श्रमायुक्त की ओर से आरसी जारी किए जाने के चार माह बीत गया हैं, लेकिन जिलाधिकारी लखनऊ के स्तर से वसूली की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
मीडिया कर्मियों का आरोप है कि आरसी जारी होने के बाद वे करीब आधा दर्जन बार जिलाधिकारी लखनऊ से उनके कार्यालय में मुलाकात कर बकाये वेतन की वसूली कराने का अनुरोध कर चुके हैं। उनका दावा है कि हर बार उन्हें अलग-अलग अधिकारियों से मिलने की सलाह दी गई। कभी एसडीएम सदर तो कभी तहसीलदार सदर से संपर्क करने को कहा गया।
मीडियाकर्मियों का कहना है कि जब सक्षम श्रम अधिकारी की ओर से आरसी जारी हो चुकी है तो उसके बाद भी कार्रवाई में लगातार देरी समझ से परे है। उनका आरोप है कि चार माह से ज्यादा बीतने के बावजूद प्रशासन की ओर से वसूली को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लंबे समय से वेतन बकाये की समस्या झेल रहे सहारा मीडिया कर्मियों में इसको लेकर क्षोभ है। उनका कहना है कि प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद यदि आरसी पर अमल नहीं होता है तो प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कैसे विश्वास किया जाये।

