
जहां भी अडानी समूह हाथ रखता है, वहां हाथ रखने से दूसरी कंपनियां डरती क्यों हैं?
गौतम अडानी जी का एक प्रवचन सुन रहा था, जिसमें वह कह रहे हैं कि जब मैं पहली बार मुंबई पहुंचा तो मैं सीखना चाहता था, काम को समझना चाहता था, लोगों को समझना चाहता था. मेरे प्रोजेक्ट साइट पर जो भी युवा आता है, उसमें मुझे अपना ही सफर दिखता है. खैर, अडानी जी […]
