बुध, 09 सितम्बर 2026 | 06:53 पूर्वाह्न
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जहां भी अडानी समूह हाथ रखता है, वहां हाथ रखने से दूसरी कंपनियां डरती क्‍यों हैं?

14.08.2026

गौतम अडानी जी का एक प्रवचन सुन रहा था, जिसमें वह कह रहे हैं कि जब मैं पहली बार मुंबई पहुंचा तो मैं सीखना चाहता था, काम को समझना चाहता था, लोगों को समझना चाहता था. मेरे प्रोजेक्‍ट साइट पर जो भी युवा आता है, उसमें मुझे अपना ही सफर दिखता है. खैर, अडानी जी […]

जब त्‍यागी जी ने कहा, ‘मेरे सिर पर भी बाल नहीं उगते, तो क्या सिर का कोई महत्व नहीं?’

14.08.2026

शरद सिंह  राजनीति में व्यंग्य कोई नई चीज नहीं है। नेताओं पर कटाक्ष हुए हैं, तंज कसे गए हैं, हास्य हुआ है और कई बार सदन में ऐसी टिप्पणियाँ भी हुई हैं जिन पर पूरा सदन हँसा है। लेकिन व्यंग्य और अपशब्द में एक बहुत महीन, मगर बेहद महत्वपूर्ण अंतर होता है। व्यंग्य किसी के […]

क्‍या 2014 के बाद मंदिरों में वीवीआईपी लोगों का दबाव बढ़ा है?

09.08.2026

वर्ष 2014 के बाद से भगवान पर केवल वीआईपी लोगों का ही पूजा पाठ स्‍वीकार करने का दबाव है. आम आदमी के लिये भगवान के पास ना तो समय है, और ना ही मूड. काशी में भोले भंडारी इतने दबाव में हैं कि वह केवल वीआईपी लोगों की ही सुनेंगे, अब सामान्‍य भक्‍तों को अपनी […]