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26.07.2026 · Anil Singh

उत्तर प्रदेश में अंतरराज्यीय नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़ : मेरठ, बागपत और उत्तराखंड में रेड; 6 लाख कैप्सूल व मशीनें ज़ब्त

संतोष कुमार सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली और घटिया दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की संयुक्त टीम ने मेरठ, बागपत और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर (रुद्रपुर) में ताबड़तोड़ छापेमारी कर एक बड़े अंतरराज्यीय काउंटरफीट (नकली) दवा निर्माण गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 6 लाख से अधिक संदिग्ध कैप्सूल, भारी मात्रा में पैकेजिंग मशीनरी और उपकरण बरामद किए गए हैं।

मेरठ के खरदौनी में मिली गुप्त फ़ैक्टरी, मशीनें बरामद

प्रकरण की शुरुआत 24 जुलाई 2026 को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई। इसके बाद सहायक आयुक्त (औषधि) मेरठ मंडल के नेतृत्व में आगरा और मेरठ के औषधि निरीक्षकों (आशुतोष मिश्रा, संतोष कुमार पटेल) व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मेरठ के थाना इंचोली अंतर्गत ग्राम खरदौनी शेखपुर में छापा मारा। यहाँ एक गुप्त परिसर से दवाओं की ब्लिस्टर पैकिंग मशीन, कंप्रेसर मशीन और चेंज पार्ट्स बरामद हुए।

न्यूट्रास्युटिकल को ‘Evion 400mg’ बनाकर बेचने का खेल

जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मैसर्स आर.एस. ग्लोबल फार्मा (रुद्रपुर, उत्तराखंड) तथा आरोपी विकास चौहान और उसके सहयोगी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा की सांठ-गांठ से यह पूरा खेल चल रहा था।

ये आरोपी फूड सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल होने वाले केवल 10mg विटामिन-ई के कैप्सूलों पर प्रसिद्ध ब्रांड ‘Evion 400mg Soft Gel Capsule’ (प्रॉक्टर-गैंबल Health Limited) का फर्जी लेबल लगा रहे थे। इस तरह 10mg के न्यूट्रिशनल कैप्सूल को 400mg की गंभीर ‘थेराप्यूटिक/ड्रग श्रेणी’ की दवा बताकर बाज़ार में बेचा जा रहा था, जो कि सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ था।

बागपत और रुद्रपुर तक जुड़ीं तारें: FSSAI लाइसेंस का दुरुपयोग

मामले की कड़ियाँ जोड़ते हुए 25 जुलाई को टीम ने उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थिति ‘मैसर्स आर.एस. ग्लोबल फार्मा’ पर औचक निरीक्षण किया। इसके तुरंत बाद बागपत के खेकड़ा स्थित निर्माता फर्म ‘मैसर्स प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्राइवेट लिमिटेड’ (खसरा नं.-75, हाजीपुर विरान) पर छापेमारी की गई।

जाँच में पाया गया कि प्रेस्कॉट फार्मा के पास केवल FSSAI (फूड लाइसेंस) था, जिससे वे केवल 10mg विटामिन-ई हेल्थ सप्लीमेंट बना सकते थे। नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए इस फर्म ने बिना पैकिंग वाले 6 लाख विटामिन-ई (10mg) सॉफ्टजेल कैप्सूल अवैध रूप से ‘आर.एस. ग्लोबल फार्मा’ को बल्क में सप्लाई कर दिए। इन्हीं कैप्सूलों को आगे प्रोसेस करके नकली ‘Evion 400mg’ दवा का रूप दिया जाता था।

4 मुख्य आरोपियों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

नकली दवा का यह पूरा अंतरराज्यीय नेटवर्क चलाने और FSSAI लाइसेंस का दुरुपयोग करने के आरोप में जनपद मेरठ के थाना इंचोली में निम्नलिखित अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है:

  1. विकास चौहान (मुख्य आरोपी व अवैध निर्माता)
  2. राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा (मुख्य सहयोगी)
  3. रोहित कुमार (प्रोप्राइटर, मैसर्स आर.एस. ग्लोबल फार्मा, रुद्रपुर, उत्तराखंड)
  4. अमृत पटेल (डायरेक्टर व उत्तरदायी व्यक्ति, मैसर्स प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्रा. लि., बागपत)

औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश भर में गुणवत्तापूर्ण औषधियाँ सुनिश्चित करने और नकली दवाओं के कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

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