संतोष कुमार सिंह
लखनऊ। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के ‘कारगिल शहीद स्मृति वाटिका’ में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कारगिल युद्ध में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को सम्मानित किया।
सैनिक परिवारों की समस्याओं का समाधान हमारी नैतिक जिम्मेदारी : ब्रजेश पाठक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, “कारगिल युद्ध के कठिन समय में स्वर्गीय वाजपेयी जी ने खुद सीमा पर जाकर हमारे जांबाज सैनिकों का मनोबल बढ़ाया था।”
उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी सैनिक परिवारों को चिह्नित कर उनका यथोचित सम्मान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहीद परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध और त्वरित निस्तारण करना शासन और समाज का नैतिक दायित्व है।
सोशल मीडिया पर फैल रहे दुष्प्रचार और आंतरिक चुनौतियों से सतर्क रहें : ए.के. शर्मा
कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने शहीदों और पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की रक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि देश के भीतर भी की जाती है। वर्तमान में देश के सामने कई प्रकार की आंतरिक चुनौतियाँ मौजूद हैं।
उन्होंने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा:
- आंतरिक सुरक्षा: छद्म वेश में छिपे राष्ट्रविरोधी तत्वों और आतंकवाद से समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
- डिजिटल सतर्कता: सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक खबरें और दुष्प्रचार बहुत तेजी से फैलते हैं। किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें ताकि देश की अखंडता प्रभावित न हो।
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश
मंत्री ए.के. शर्मा ने मंच से ही अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि सैनिकों एवं उनके परिजनों की किसी भी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हल किया जाए। राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले परिवारों को किसी भी दफ्तर का चक्कर न काटना पड़े।
कार्यक्रम में गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
कारगिल के वीरों को याद करने आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, संतोष सिंह, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
तिरछी कटारी सत्य है इसलिए कड़वा है